1660राय
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किसान अपने खेतों में आजकल मशीनरी व तकनीक का प्रयोग करने लगा है। उधर सरकार ने एक देश एक टैक्स नारे के तहत देश में 1 जुलाई 2017 से GST कर लागू कर दिया। जिससे किसान के द्वारा प्रयोग में लायी जाने वाली मशीनरी जैसे थ्रेशर, रोटैवेटर्स, लेजर लेवेलर्स व अन्य कृषि औजारों सहित फार्म मशीनरी को महंगा कर दिया है। कृषि मशीनरी और जीएसटी जिसके चलते खेती मशीनरी निर्माताओं और किसानों को दुविधा में डाल दिया है। जीएसटी लागू होने से पहले देश के अधिकतर राज्यों में खेती उपकरणों पर कोई भी उत्पाद शुल्क नहीं था। व कृषि मशीन पर वैट भी लागू नहीं था। निर्माण उद्योग के अनुसार, देश का लगभग हर किसान अपने खेत में मशीनरी और उपकरणों का प्रयोग उपकरण खरीदकर या फिर किराये के जरिए करते हैं। इसलिए कृषि औजारों की कीमतों में वृद्धि होने से इनकी इनपुट लागत में वृद्धि होगी, जो किसानों के लिए चिंता का विषय है।