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फतेहाबाद, प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद किसान पराली में आग लगाने में बाज नहीं आ रहे हैं। मजबूर होकर डीसी को सख्त कदम उठाने पड़े है। उपायुक्त ने नए आदेश जारी करते हुए कहा कि अगर किसी किसान ने पराली में आग लगाई है तो उसके बंदूक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। ऐसा आदेश जारी होने के बाद किसानों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं प्रशासन के अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है कि किसानों को पराली न जलाने के बारे में जागरूक करें। दीपावली के दिन अनेक गांवों में किसानों ने पराली में आग लगाई है। यहीं कारण है कि बृहस्पतिवार को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। साथ ही आंखों में जलन भी पैदा हो रही थी। बता दें, प्रदेश में फतेहाबाद जिले के किसान पराली में आग लगाने में प्रथम स्थान पर है। अधिकतर किसानों ने दीपवाली की रात को पराली में आग लगा दी, जिस कारण शहर में स्मोग फैल गया। फतेहाबाद के भूना रोड़ बाईपास पर धुएं का गुबार छा गया। इसके चलते वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उपायुक्त डा.जे.के. आभीर ने आदेश जारी कर कहा कि पराली का मुददा महत्पूर्ण है। फतेहाबाद में पराली जलाने के केस में काफी इजाफा हुआ है। अब अगर किसी किसान या उसके परिवार ने पराली जलाई और उसके पास बंदूक का लाइसेंस है, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नए आर्म लाइसेंस बनवाने के इच्छुक किसानों के संबंध में भी यह जांच की जाएगी कि उन्होंने अपने खेतों में पराली या अन्य फसली अवशेष जलाए थे या नहीं। ग्राम सचिव, सरपंच व पुलिस प्रशासन से ऐसे लाइसेंसधारी किसानों की सूची मांगी है जिन्होंने पराली जलाई है।